Monday , May 17 2021

Ana Kasmi Category

Phan Talashey Hai – Ana Kasmi

फ़न तलाशे है दहकते हुए जज़्बात का रंग देख फीका न पड़े आज मुलाक़ात का रंग हाथ मिलते ही उतर आया मेरे हाथों में कितना कच्चा है मिरे दोस्त तिरे हाथ का रंग है ये बस्ती तिरे भीगे हुए कपड़ों की तरह तेरे इस्नान-सा लगता है ये बरसात का रंग …

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Kaisa Rishta Hai Is Makan Ke Sath – Ana Kasmi

कैसा रिश्ता है इस मकान के साथ बात करता हूँ बेज़बान के साथ आप तन्हा जनाब कुछ भी नहीं तीर जचता है बस कमान के साथ हर बुरे वक़्त पर नज़र उट्ठी क्या तअल्लुक है आसमान के साथ दुश्मनी थी तो कुछ तो हासिल था छिन गया सारा कुछ अमान …

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Kuchh Chalega Janab – Ana Kasmi

कुछ चलेगा जनाब, कुछ भी नहीं चाय, कॉफी, शराब, कुछ भी नहीं चुप रहें तो कली लगें वो होंट हँस पड़ें तो गुलाब कुछ भी नहीं जो ज़मीं पर है सब हमारा है सब है अच्छा, ख़राब कुछ भी नहीं इन अमीरों की सोच तो ये है हम ग़रीबों के …

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Ye Shabe Akhtro Kamar Chup Hai – Ana Kasmi

ये शबे-अख़्तरो-क़मर चुप है एक हंगामा है मगर चुप है चल दिए क़ाफ़िले कयामत के और दिल है कि बेख़बर चुप है उनके गेसू और इस क़दर बरहम इक तमाशा और इस क़दर चुप है पहले कितनी पुकारें आती थीं चल पड़ा हूँ तो रहगुज़र चुप है बस ज़बाँ हाँ कहे …

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Chhoo Jaye Dil Ko Aisa Koi Fan Abhi Kahan – Ana Kasmi

छू जाए दिल को ऐसा कोई फ़न अभी कहाँ कोशिश है शायरी की ये सब शायरी कहाँ यूँ भी हुआ कि रेत को सागर बना दिया ऐसा नहीं तो जाओ अभी तिशनगी कहाँ ये और बात दर्द ने शक्लें तराश लीं जो नक्श बोलते हैं वो सूरत बनी कहाँ माना …

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Jo Zaban Se Lagti Hai – Ana Kasmi

जो ज़बाँ से लगती है वो कभी नहीं जाती दर्द भी नहीं जाता, चोट भी नहीं जाती गर तलब हो सादिक़ तो ख़र्च-वर्च कर डालो मुफ़्त की शराबों से तिश्नगी  नहीं जाती अब भी उसके रस्ते में दिल धड़कने लगता है हौसला तो करता हूँ बुज़दिली नहीं जाती कुछ नहीं …

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