Monday , May 17 2021

Jigar Moradabadi Category

Wo Adaye Dilbari Ho Ki Nawae Aashikana

वो अदाए-दिलबरी हो कि नवाए-आशिक़ाना। जो दिलों को फ़तह कर ले, वही फ़ातहेज़माना॥ कभी हुस्न की तबीयत न बदल सका ज़माना। वही नाज़े-बेनियाज़ी वही शाने-ख़ुसरवाना॥ मैं हूँ उस मुक़ाम पर अब कि फ़िराक़ोवस्ल कैसे? मेरा इश्क़ भी कहानी, तेरा हुस्न भी फ़साना॥ तेरे इश्क़ की करामत यह अगर नहीं तो …

Read More »

Ishq Mein Lajawab Hai Ham Log

इश्क़ में लाजवाब हैं हम लोग  माहताब आफ़ताब हैं हम लोग  गर्चे अहल-ए-शराब हैं हम लोग  ये न समझो ख़राब हैं हम लोग  शाम से आ गये जो पीने पर  सुबह तक आफ़ताब हैं हम लोग  नाज़ करती है ख़ाना-वीरानी  ऐसे ख़ाना- ख़राब हैं हम लोग  तू हमारा जवाब है …

Read More »

Aai Jab Unki Yaad To Aati Chali Gai

आई जब उनकी याद तो आती चली गई  हर नक़्श-ए-मासिवा को मिटाती चली गई हर मन्ज़र-ए-जमाल दिखाती चली गई  जैसे उन्हीं को सामने लाती चली गई हर वाक़या क़रीबतर आता चला गया  हर शै हसीन तर नज़र आती चली गई वीरान-ए-हयात के एक-एक गोशे में  जोगन कोई सितार बजाती चली …

Read More »

Admi Admi Se Milta Hai – Jigar Moradabadi

आदमी आदमी से मिलता है दिल मगर कम किसी से मिलता है भूल जाता हूँ मैं सितम उस के वो कुछ इस सादगी से मिलता है आज क्या बात है के फूलों का रंग तेरी हँसी से मिलता है मिल के भी जो कभी नहीं मिलता टूट कर दिल उसी …

Read More »

Zarron Se Baate Karte Hai Diwarodar Se Ham

ज़र्रों से बातें करते हैं दीवारोदर से हम। मायूस किस क़दर है, तेरी रहगुज़र से हम॥ कोई हसीं हसीं ही ठहरता नहीं ‘जिगर’। बाज़ आये इस बुलन्दिये-ज़ौक़े-नज़र से हम॥ इतनी-सी बात पर है बस इक जंगेज़रगरी। पहले उधर से बढ़ते हैं वो या इधर से हम॥ Jigar Moradabadi

Read More »

Kabhi Shakh O Sabz O Barg Par

कभी शाख़-ओ-सब्ज़-ओ-बर्ग पर कभी ग़ुँचा-ओ-गुल-ओ-ख़ार पर  मैं चमन में चाहे जहाँ रहूँ मेरा हक़ है फ़सल-ए-बहार पर  मुझे दे न ग़ैब में धमकियाँ गिरे लाख बार ये बिजलियाँ  मेरी सर-तलक यही आशियाँ मेरी मिल्कीयत यही प्यार है  मेरी सिम्त से उसे ऐ सबा ये पयाम-ए-आख़िर-ए-ग़म सुना  अभी देखना हो तो …

Read More »