Monday , May 17 2021

Momin Khan Momin Category

Tumhe Yaad Ho Ke Na Yaad Ho – Ghazal

वो जो हम में तुम में क़रार था तुम्हें याद हो के न याद हो  वही यानी वादा निबाह का तुम्हें याद हो के न याद हो वो नये गिले वो शिकायतें वो मज़े-मज़े की हिकायतें  वो हर एक बात पे रूठना तुम्हें याद हो के न याद हो कोई …

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Log – Momin Khan Momin

मुझपे तूफ़ाँ उठाये लोगों ने मुफ़्त बैठे बिठाये लोगों ने

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Yaadein – Momin Khan Momin

तुम मेरे पास होते हो गोया, जब कोई दूसरा नहीं होता ।

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Ishq – Momin Khan Momin

उम्र तो सारी क़टी इश्क़-ए-बुताँ में ‘मोमिन’ आखिरी उम्र में क्या खाक मुसलमाँ होंगे

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Fasana – Dil Shayri

चले तुम कहाँ मैंने तो दम लिया है फ़साना-दिले-ज़ार का कहते-कहते

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Tum Bhi Rehne Lage Khafa Sahab – Ghazal

तुम भी रहने लगे ख़फ़ा साहब कहीं साया मेरा पड़ा साहब है ये बन्दा ही बेवफ़ा साहब ग़ैर और तुम भले भला साहब क्यों उलझते हो जुम्बिशे-लब से ख़ैर है मैंने क्या कहा साहब क्यों लगे देने ख़त्ते-आज़ादी कुछ गुनह भी ग़ुलाम का साहब दमे-आख़िर भी तुम नहीं आते बन्दगी …

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