Monday , May 17 2021

Sahir Ludhianavi Category

Zinda – Sahir Ludhianavi

मैं ज़िंदा हूँ ये मुश्तहर कीजिए  मिरे क़ातिलों को ख़बर कीजिए 

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Mayus – Ghazal

मायूस तो हूं वायदे से तेरे, कुछ आस नहीं कुछ आस भी है. मैं अपने ख्यालों के सदके, तू पास नहीं और पास भी है. दिल ने तो खुशी माँगी थी मगर, जो तूने दिया अच्छा ही दिया. जिस गम को तअल्लुक हो तुझसे, वह रास नहीं और रास भी …

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Mai Zinda Hu – Ghazal

मैं ज़िंदा हूँ ये मुश्तहर कीजिए मिरे क़ातिलों को ख़बर कीजिए ज़मीं सख़्त है आसमाँ दूर है बसर हो सके तो बसर कीजिए सितम के बहुत से हैं रद्द-ए-अमल ज़रूरी नहीं चश्म तर कीजिए वही ज़ुल्म बार-ए-दिगर है तो फिर वही जुर्म बार-ए-दिगर कीजिए क़फ़स तोड़ना बाद की बात है …

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Kabhi Kabhi Mere Dil Me – Ghazal

कभी कभी मेरे दिल में ख़याल आता है कि ज़िन्दगी तेरी ज़ुल्फ़ों की नर्म छाँव में गुज़रने पाती तो शादाब हो भी सकती थी ये तीरगी जो मेरी ज़ीस्त का मुक़द्दर है तेरी नज़र की शुआओं में खो भी सकती थी अजब न था के मैं बेगाना-ए-अलम रह कर तेरे …

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Tajmahal – Pyar/ Ishq/ Muhabbat Shayri

ये चमनज़ार ये जमुना का किनारा ये महल  ये मुनक़्क़श दर-ओ-दीवार, ये महराब ये ताक़  इक शहंशाह ने दौलत का सहारा ले कर  हम ग़रीबों की मुहब्बत का उड़ाया है मज़ाक़

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Khafa – Dil Shayri

अहले-ए-दिल और भी हैं अहल-ए-वफ़ा और भी हैं एक हम ही नहीं दुनिया से ख़फ़ा और भी हैं

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