अगर दर्द हो तो – दर्द शायरी

दर्द हो तो कोई मौसम प्यारा नहीं होता,
दिल में प्यास हो तो पानी से गुजारा नहीं होता,
काश कोई समझ पाता हमारी बेबसी को,
हम सबके हो जाते हैं कोई हमारा नहीं होता।

- दर्द शायरी

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मोहब्बत का घना बादल बना देता तो अच्छा था,मुझे तेरी आँख का काजल बना देता तो अच्छा था,तुझे पाने की ख्वाइश अब जीने नहीं देती,खुदा तू मुझे पागल बना देता तो अच्छा था। दर्द शायरी

हकीकत में खामोशीकभी भी चुप नहीं रहती, - दर्द शायरी

तुझे जब देखता हूँ तो खुद अपनी याद आती है,मेरा अंदाज़ हँसने का - कभी तेरे ही जैसा था। दर्द शायरी

बहुत ईमानदार हो गया है ये बेईमान शहर,दर्द की थैली से किसी ने सिक्का न उठाया। - दर्द शायरी

तुझे जब देखता हूँ तो खुद अपनी याद आती है,मेरा अंदाज़ हँसने का... कभी तेरे ही जैसा था। - दर्द शायरी

कब ठहरेगा दर्द ऐ दिल कब रात बसर होगी,सुनते थे कि वो आयेंगे सुनते थे सुबह होगी ।कब जान लहू होगी, कब अश्क गुहर होगा,किस दिन तेरी शुनवाई, ऐ दीद-ए-तर होगी। दर्द शायरी

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