अश्कों की मिलावट -अश्क़ शायरी

  • By Admin

  • October 31, 2021

मेरे ख़त में जो भीगी भीगी सी लिखावट है,स्याही में थोड़ी सी मेरे अश्कों की मिलावट है।

अश्क़ शायरी

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आँखें भीग जाती हैं( एडमिन द्वारा दिनाँक 19-01-2018 को प्रस्तुत )समंदर में उतरता हूँ तो आँखें भीग जाती हैं,तेरी आँखों को पढ़ता हूँ तो आँखें भीग जाती हैं,तुम्हारा नाम लिखने की इजाज़त छिन गई जबसे,कोई...

अश्क गिरता है तो( एडमिन द्वारा दिनाँक 31-10-2015 को प्रस्तुत )प्यास इतनी है मेरी रूह की गहराई में,अश्क गिरता है तो दामन को जला देता है। - अश्क़ शायरी

एक आँसू ने डुबोया मुझ को उन की बज़्म मेंबूँद भर पानी से सारी आबरू पानी हुई। - अश्क़ शायरी

हमारे शहर आ जाओ सदा बरसात रहती है,कभी बादल बरसते हैं कभी आँखें बरसतीं हैं। - अश्क़ शायरी

ये तो अच्छा है कि आँसू बे रंग हुआ करते है,वरना रातों को भीगे तकिये सारे राज़ खोल देते। अश्क़ शायरी

आफताब की गर्मी से दरिया का पानी ख़त्म नहीं होता,लैला के इंकार से मजनू का जज़्बा कम नहीं होता,फ़िराक की मुसीबत हो या यार के वस्ल की लज़्ज़त,किसी भी हाल में अश्कों का बहना काम...

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