आँखें बरसतीं हैं -अश्क़ शायरी

  • By Admin

  • October 31, 2021

हमारे शहर आ जाओ सदा बरसात रहती है,कभी बादल बरसते हैं कभी आँखें बरसतीं हैं।

अश्क़ शायरी

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लगता है मैं भूल( Admin द्वारा दिनाँक 10-08-2015 को प्रस्तुत )लगता है मैं भूल चुका हूँ मुस्कुराने का हुनरकोशिश जब भी करता हूँ आँसू निकल आते हैं । - अश्क़ शायरी

ये तो अच्छा है कि आँसू बे रंग हुआ करते है,वरना रातों को भीगे तकिये सारे राज़ खोल देते। - अश्क़ शायरी

रो लेते हैं कभी कभी,ताकि आंसुओं को भी कोई शिकायत ना रहे। अश्क़ शायरी

वो नदियाँ नहीं आंसू थे मेरे,जिस पर वो कश्ती चलाते रहे,मंजिल मिले उन्हें यह चाहत थी मेरी,इसलिए हम आंसू बहाते रहे। - अश्क़ शायरी

थमे आँसू तो फिर तुम शौक़ से घर को चले जाना,कहाँ जाते हो इस तूफ़ान में पानी ज़रा ठहरे। अश्क़ शायरी

एक आँसू ने डुबोया( एडमिन द्वारा दिनाँक 18-07-2016 को प्रस्तुत )एक आँसू ने डुबोया मुझ को उन की बज़्म मेंबूँद भर पानी से सारी आबरू पानी हुई। - अश्क़ शायरी

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