आँखों में ख्वाब तेरे -शिक़वा शायरी

  • By Admin

  • October 31, 2021

ज़ीना मुहाल कर रखा है,मेरी इन आँखों ने,खुली हो तो तलाश तेरी, बंद हो तो ख्वाब तेरे ।

शिक़वा शायरी

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तुम बस उलझे रह गए हमें आजमाने में,और हम हद से गुजर गए तुम्हें चाहने में। - शिक़वा शायरी

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क्यों ऐसे खोये खोये( प्रीत द्वारा दिनाँक 02-01-2016 को प्रस्तुत )तुम क्यों ऐसे खोये खोये रहते हो,तुम क्यों ऐसे गुमसुम से रहते हो,कौन सा ग़म है तुम्हें जो सबसे छिपाते हो,किसलिए हर बात पर अपना...

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