आँसू निकल पड़े -सैड शायरी

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  • October 31, 2021

इतना तो ज़िंदगी में, न किसी की खलल पड़े,हँसने से हो सुकून, न रोने से कल पड़े,मुद्दत के बाद उसने, जो की लुत्फ़ की निगाह,जी खुश तो हो गया, मगर आँसू निकल पड़े।

सैड शायरी

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मोहब्बत में न अपना कोई ठिकाना रहा,सारी उम्र बस उनका आना-जाना रहा,हमने राज खुलने न दिए दिल के उनपर,खतों में हर्फ़ का लिखना मिटाना रहा। सैड शायरी

दिल में लगी थी वो प्यास जागी है,आपसे मिलने की आस बाकी हैयूँ आदत न थी ऐसे तड़पने की ऐ खुदामेरी कितनी सजा और बाकी है। - सैड शायरी

किसी का यूँ तो हुआ कौन उम्र भर फिर भी,ये हुस्न ओ इश्क़ तो धोखा है सब मगर फिर भी। सैड शायरी

ज़िंदा रहे तो क्या है जो मर जाएं हम तो क्या,दुनिया से खामोशी से गुजर जाएं हम तो क्या,हस्ती ही अपनी क्या है इस ज़माने के सामने,एक ख्वाब हैं जहान में बिखर जायें हम तो...

वफा के बदले बेवफाई ना दिया कर,मेरी उमीद ठुकरा कर इन्कार ना किया कर,तेरी मौहब्बत में हम सब कुछ गवां बैठे,जान चली जायेगी इम्तिहान ना लिया कर । सैड शायरी

उनको ये शिकायत है कि मैं बेवफाई पे नहीं लिखता,और मैं सोचता हूं कि मैं उनकी रुसवाई पे नहीं लिखता,ख़ुद अपने से ज्यादा बुरा जमाने में कौन है?मैं इसलिए औरों की बुराई पे नहीं लिखता,कुछ...

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