आँसू लेके आँखों में -अश्क़ शायरी

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  • October 31, 2021

आँखों में आँसू लेके होठों से मुस्कुराये,हम जैसे जी रहे हैं कोई जी के तो बताये।

अश्क़ शायरी

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इनको कभी आँख से गिरने नहीं देता,उनको लगते हैं मेरी आँख में प्यारे आँसू। - अश्क़ शायरी

काजल तेरी आँखों का( एडमिन द्वारा दिनाँक 28-11-2016 को प्रस्तुत )हौंसला तुझमें न था मुझसे जुदा होने का,वरना काजल तेरी आँखों का न यूँ फैला होता। - अश्क़ शायरी

रोने की सज़ा है न रुलाने की सज़ा है,ये दर्द मोहब्बत को निभाने की सज़ा है,हँसते हैं तो आँखों से निकलते हैं आँसू,ये उस शख्स से दिल लगाने की सज़ा है। अश्क़ शायरी

इनको कभी आँख से गिरने नहीं देता,उनको लगते हैं मेरी आँख में प्यारे आँसू। अश्क़ शायरी

लगता है मैं भूल चुका हूँ मुस्कुराने का हुनरकोशिश जब भी करता हूँ आँसू निकल आते हैं । अश्क़ शायरी

कलम चलती है तो दिल की आवाज लिखता हूँ,गम और जुदाई के अंदाज़-ए-बयां लिखता हूँ,रुकते नहीं हैं मेरी आँखों से आँसू,मैं जब भी उसकी याद में अल्फाज़ लिखता हूँ। अश्क़ शायरी

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