आखिरी साँसें बची -मौत शायरी

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  • October 31, 2021

चले आओ सनम बस आखिरी साँसें बची हैं कुछ,तुम्हारी दीद हो जाती तो खुल जातीं मेरे आँखें।

मौत शायरी

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कफ़न सिला रखा है( विजय कुमार बिन्दास राजा द्वारा दिनाँक 25-04-2017 को प्रस्तुत )उसकी यादों ने मुझे पागल बना रखा है,कहीं मर ना जाऊं कफ़न सिला रखा है,मेरा दिल निकाल लेना दफ़नाने से पहले,वो ना...

उसकी यादों ने मुझे पागल बना रखा है,कहीं मर ना जाऊं कफ़न सिला रखा है,मेरा दिल निकाल लेना दफ़नाने से पहले,वो ना दब जाए जिसे दिल मे बसा रखा है। - मौत शायरी

मिट्टी मेरी कब्र से उठा रहा है कोई,मरने के बाद भी याद आ रहा है कोई,ऐ खुदा कुछ पल की मोहलत और दे दे,उदास मेरी कब्र से जा रहा है कोई। मौत शायरी

आशिक़ मरते नहीं( शुभम शर्मा द्वारा दिनाँक 20-06-2017 को प्रस्तुत )आशिक़ मरते नहीं सिर्फ दफनाए जाते हैं,कब्र खोद कर देखो इंतज़ार में पाए जाते हैं। - मौत शायरी

अब मौत से कह दो कि नाराज़गी खत्म कर ले,वो बदल गया है जिसके लिए हम ज़िंदा थे​। मौत शायरी

इंतज़ार है हमें तो बस अपनी मौत का,उनका वादा है कि उस दिन मुलाकात होगी। मौत शायरी

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