आया था दिवाना -शराब शायरी

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  • October 31, 2021

छलक जाने दो पैमानेमैखाने भी क्या याद रखेंगे,आया था कोई दिवानाअपनी मोहब्बत को भुलाने।

शराब शायरी

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अगर ग़म मोहब्बत पे हाबी न होता,खुदा की कसम मैं शराबी न होता। शराब शायरी

शिकन न डाल जबीं पर शराब देते हुए,यह मुस्कराती हुई चीज मुस्करा के पिला,सरूर चीज के मिकदार में नहीं मौकूफ,शराब कम है साकी तो नजर मिला के पिला। शराब शायरी

मौका मिला है कुछ तो ख़ुलूस दिखा दे साक़िया,क्या पता - कल तेरी महफ़िल में हम हों कि न हों,उठा के जाम अपने हाथों से पिला दे साक़िया,क्या पता - कल तेरी महफ़िल में हम...

पीना काम आ गया( एडमिन द्वारा दिनाँक 30-09-2017 को प्रस्तुत )लड़खड़ाये कदम तो गिरे उनकी बाँहों मे,आज हमारा पीना ही हमारे काम आ गया। - शराब शायरी

छीनकर हाथों से जामवो इस अंदाज़ से बोली, शराब शायरी

साकी तेरी रूसवाई( एडमिन द्वारा दिनाँक 05-07-2016 को प्रस्तुत )मय छलक जाए तो कमजर्फ हैं पीने वाले,जाम खाली हो तो साकी तेरी रूसवाई है। - शराब शायरी

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