आराम से तनहा कट -जिंदगी शायरी

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  • October 31, 2021

आराम से तनहा कट रही थी तो अच्छी थी,जिंदगी तू कहाँ दिल की बातों में आ गयी ।

जिंदगी शायरी

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कभी धूप दे - कभी बदलियाँ,दिलो जान से दोनों क़बूल हैं,मगर उस नगर में न कैद कर,जहाँ जिंदगी की हवा न हो। जिंदगी शायरी

जिंदगी क्या है( एडमिन द्वारा दिनाँक 24-11-2017 को प्रस्तुत )अगर तुमसे कोई पूछे बताओ जिंदगी क्या है,हथेली पर जरा सी ख़ाक रखना और उड़ा देना। - जिंदगी शायरी

ज़िन्दगी हर हाल में एक मुकाम माँगती है,किसी का नाम तो किसी से ईमान माँगती है,बड़ी हिफाजत से रखना पड़ता है दोस्त इसे,रूठ जाए तो मौत का सामान माँगती हैं। जिंदगी शायरी

गुजर गयी जिंदगी( एडमिन द्वारा दिनाँक 21-10-2016 को प्रस्तुत )अजीब तरह से गुजर गयी मेरी जिंदगी,सोचा कुछ, किया कुछ, हुआ कुछ, मिला कुछ। - जिंदगी शायरी

शिकायत नहीं ऐ जिदंगी( अंकित पाण्डेय सागर द्वारा दिनाँक 16-06-2017 को प्रस्तुत )तुझसे कोई शिकायत नहीं है ऐ जिदंगीजो भी दिया है वही बहुत है। - जिंदगी शायरी

कल न हम होंगे न कोई गिला होगा,सिर्फ सिमटी हुई यादों का सिललिसा होगा,जो लम्हे हैं चलो हँसकर बिता लें,जाने कल जिंदगी का क्या फैसला होगा। जिंदगी शायरी

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