इश्क़ में बेवफाई -इश्क़ शायरी

  • By Admin

  • October 31, 2021

महफ़िल ना सही तन्हाई तो मिलती है,मिलना न सही जुदाई तो मिलती है,कौन कहता इश्क़ में कुछ नहीं मिलता?वफ़ा न सही बेवफाई तो मिलती है।

इश्क़ शायरी

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किया इश्क़ ने मेरा हाल कुछ ऐसा,ना अपनी है खबर ना दिल का पता है,कसूरवार था मेरा ये दौर-ए-जवानी,मैं समझता रहा सनम की खता है। इश्क़ शायरी

दिल ए गुमराह को काश ये( एडमिन द्वारा दिनाँक 07-07-2015 को प्रस्तुत )दिल-ए-गुमराह कोकाश ये मालूम होता,प्यार तब तक हसीन है,जब तक नहीं होता। - इश्क़ शायरी

जो मिला मुसाफ़िर वो रास्ते बदल डाले,दो क़दम पे थी मंज़िल फ़ासले बदल डाले। - इश्क़ शायरी

अनजान सी राहों पर( एडमिन द्वारा दिनाँक 04-10-2015 को प्रस्तुत )अनजान सी राहों पर चलने का तजुर्बा नहीं था, इश्क़ की राह ने मुझे एक हुनरमंद राही बना दिया। - इश्क़ शायरी

तजुर्बा इश्क़ का( एडमिन द्वारा दिनाँक 30-12-2015 को प्रस्तुत )तजुर्बा एक ही काफी था बयान करने के लिए,मैंने देखा ही नहीं इश्क़ दोबारा करके। - इश्क़ शायरी

इश्क़ की किस्मत( एडमिन द्वारा दिनाँक 12-07-2017 को प्रस्तुत )इसमें इश्क़ की किस्मत भी बदल सकती थी,जो वक़्त बीत गया मुझको आजमाने में। - इश्क़ शायरी

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