उम्मीद ना कर इस -दो लाइन शायरी

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  • October 31, 2021

उम्मीद ना कर इस दुनिया में हमदर्दी की,बड़े प्यार से जख्म देते हैं शिद्दत से चाहने वाले।

दो लाइन शायरी

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कुछ इस तरह से सौदा कियामुझसे मेरे वक़्त ने, दो लाइन शायरी

तनहा न होते( एडमिन द्वारा दिनाँक 24-10-2015 को प्रस्तुत )हमने कब कहा कि कीमत समझो तुम हमारी,ग़र हमें बिकना ही होता तो आज यूँ तनहा न होते। - दो लाइन शायरी

दौड़ती भागती दुनिया का यही तोहफा है,खूब लुटाते रहे अपनापन फिर भी लोग खफ़ा हैं। - दो लाइन शायरी

कभी हो मुखातिब तो कहूँ क्या मर्ज़ है मेरा,अब तुम दूर से पूछोगे तो ख़ैरियत ही कहेंगे। दो लाइन शायरी

मयखाने से पूछा आज इतना सन्नाटा क्यों है,बोला साहब लहू का दौर है शराब कौन पीता है। - दो लाइन शायरी

कलम के कीड़े हैं हम जब भी मचलते हैं,खुरदुरे कागज पे रेशमी ख्वाब बुनते हैं। - दो लाइन शायरी

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