उल्फत के फ़साने -दोस्ती शायरी

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  • October 31, 2021

होंठों पे उल्फत के फ़साने नहीं आते,जो बीत गए फिर वो ज़माने नहीं आते,दोस्त ही होते हैं दोस्तों के हमदर्द,कोई फ़रिश्ते यहाँ साथ निभाने नहीं आते।

दोस्ती शायरी

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ज़िन्दगी में किसी मोड़ पर खुद को तन्हा न समझना,साथ हूँ मैं आपके खुद से जुदा मत समझना,उम्र भर आपसे दोस्ती करने का वादा किया है,अगर जिंदगी साथ न दे तो हमें बेवफा मत समझना।...

दोस्ती में किसी का( आकाश कुमार द्वारा दिनाँक 13-11-2017 को प्रस्तुत )दोस्ती में किसी का इम्तिहान न लेना,निभा न सको वो किसी को वादा न देना,जिसे तुम बिन जीने की आदत न हो,उसे जिन्दगी जीने...

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सच्ची है मेरी दोस्ती( एडमिन द्वारा दिनाँक 02-06-2016 को प्रस्तुत )सच्ची है मेरी दोस्ती आजमा के देखलो,करके यकीं मुझ पे मेरे पास आके देखलो,बदलता नहीं कभी सोना अपना रंग,जितनी बार दिल करे आग लगा कर...

रिश्तों से बड़ी चाहत और क्या होगी,दोस्ती से बड़ी इबादत और क्या होगी,जिसे दोस्त मिल सके कोई आप जैसा,उसे ज़िंदगी से कोई और शिकायत क्या होगी। - दोस्ती शायरी

हम तो पतझड़ में भी बहार ले आएंगे,हम गहरी उदासी में भी प्यार ले आएंगे,दोस्तों आप एक बार दिल से आवाज़ तो दो,हम तो आपके लिए मौत से भी साँसे उधार ले आएंगे। दोस्ती शायरी

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