ऐ मौत के फ़रिश्ते -मौत शायरी

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  • October 31, 2021

चैन तो छिन चुका है अब बस जान बाकी है,अभी मोहब्बत में मेरा इम्तेहान बाकी है,मिल जाना वक़्त पर पर ऐ मौत के फ़रिश्ते,किसी को गिला है किसी का फरमान बाकी है।

मौत शायरी

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जिंदगी तो हमेशा से ही,बेवफा और ज़ालिम होती है मेरे दोस्त,बस एक मौत ही वफादार होती है,जो हर किसी को मिलती है। मौत शायरी

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ढूंढोगे कहाँ मुझको, मेरा पता लेते जाओ,एक कब्र नई होगी एक जलता दिया होगा। - मौत शायरी

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