किसका मुझे इंतज़ार -इंतज़ार शायरी

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  • October 31, 2021

मुद्दत से ख्वाब में भी नहीं नींद का ख्याल, हैरत में हूँ ये किस का मुझे इंतज़ार है।

इंतज़ार शायरी

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लौट आओ और मिलो उसी तड़प से,अब तो मुझे मेरी वफाओं का सिला दे दो,इंतजार ख़त्म नहीं होता है आँखों का,किसी शब् अपनी एक झलक दे दो। - इंतज़ार शायरी

वो न आये उनकी याद आकर वफा कर गयी,उनसे मिलने की आस सुकून तबाह कर गयी,आहट हुयी तो सोचा असर दुआ कर गयी,दरवाजा खोलकर देखा तो मालूम हुआ कि,मजाक हमसे हवा कर गयी। इंतज़ार शायरी

इंतज़ार हर शाम तेरा( एडमिन द्वारा दिनाँक 10-10-2015 को प्रस्तुत )इंतज़ार रहता है हर शाम तेरा,यादें कटती हैं ले ले कर नाम तेरा,मुद्दत से बैठे हैं यह आस पाले,कि कभी तो आएगा कोई पैगाम तेरा।...

इंतज़ार रहता है हर शाम तेरा,यादें कटती हैं ले ले कर नाम तेरा,मुद्दत से बैठे हैं यह आस पाले,कि कभी तो आएगा कोई पैगाम तेरा। इंतज़ार शायरी

शब-ए-इंतज़ार की कशमकश मेंन पूछ कैसे सहर हुई,कभी एक चिराग जला दियाकभी एक चिराग बुझा दिया। - इंतज़ार शायरी

आँखें भी मेरी पलकों से सवाल करती हैं,हर वक़्त आपको ही बस याद करती हैं,जब तक ना कर लें दीदार आपका,तब तक वो आपका इंतज़ार करती हैं। - इंतज़ार शायरी

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