किसीको खोने का ग़म -ग़म शायरी

  • By Admin

  • October 31, 2021

हमसे पूछो किसीको खोने का ग़म क्या होता है,हँसते हँसते रोने का दर्द क्या होता है,खुदा उसी से क्यों मिला देता है हमें,जिसका साथ किस्मत में नहीं होता है।

ग़म शायरी

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न हिज्र है, न वस्ल है, अब इसको क्या कहें,फूल शाख पर तो है मगर खिला नहीं रहा। - ग़म शायरी

ग़म-ए-इश्क रह गया है ग़म-ए-जुस्तज़ू में ढलकर,वो नजर से छुप गए हैं मेरी जिंदगी बदल कर। ग़म शायरी

सख्त राहों में अब आसान सफर लगता है,अब अनजान ये सारा ही शहर लगता है,कोई नहीं है मेरा ज़िन्दगी की राह में,मेरा ये ग़म ही मेरा हमसफ़र लगता है। - ग़म शायरी

ग़म-ए-आरज़ू( एडमिन द्वारा दिनाँक 27-01-2019 को प्रस्तुत )ग़म-ए-आरज़ू तेरी राह में,शब्-ए-आरज़ू तेरी चाह में,जो उजड़ गया वो बसा नहीं,जो बिछड़ गया वो मिला नहीं। - ग़म शायरी

प्यार की राह में ग़म का अँधेरा आता क्यूँ है,जिसको हमने चाहा वही रुलाता क्यूँ है,वो मेरे नसीब में नहीं है तो खुदा,बार-बार हमें उसी से मिलाता क्यूँ है। ग़म शायरी

हुस्न खो जायेगा प्यार मिट जायेगा,वक़्त के हाथ सबकुछ लुट जायेगा,हाँ रहेगी मगर याद मेरे दिल में तेरी,ग़म का समंदर तो सिमट जायेगा। ग़म शायरी

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