किसी ख़ास से मुलाकात -दोस्ती शायरी

  • By Admin

  • October 31, 2021

खुदा से एक फरियाद वाकी है,प्यार जिन्दा है क्यूंकि एक याद वाकी है,मौत आये तो कह देंगे लौट जाए,क्यूंकि - अभी किसी ख़ास से मुलाकात वाकी है।

दोस्ती शायरी

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प्यार का रिश्ता इतना गहरा नहीं होता,दोस्ती के रिश्ते से बड़ा कोई रिश्ता नहीं होता,कहा था इस दोस्ती को प्यार में न बदलो,क्यूंकि प्यार में धोखे के सिवा कुछ नहीं होता। - दोस्ती शायरी

गुनगुनाना तो तकदीर में लिखा कर लाए थे,खिलखिलाना दोस्तों से तोहफ़े में मिल गया। - दोस्ती शायरी

सच्ची है मेरी दोस्ती आजमा के देखलो,करके यकीं मुझ पे मेरे पास आके देखलो,बदलता नहीं कभी सोना अपना रंग,जितनी बार दिल करे आग लगा कर देखलो। दोस्ती शायरी

दोस्त समझते हो तो दोस्ती निभाते रहना,हमें भी याद करना खुद भी याद आते रहना,हमारी तो हर ख़ुशी दोस्तों से ही है,हम खुश रहें या ना आप यूँ ही मुस्कुराते रहना। दोस्ती शायरी

दोस्ती नज़ारों से हो( एडमिन द्वारा दिनाँक 31-07-2019 को प्रस्तुत )दोस्ती नज़ारों से हो तो उसे कुदरत कहते हैं,चाँद-सितारों से हो तो जन्नत कहते हैं,हसीनों से हो तो मोहब्बत कहते हैं,और आपसे हो तो उसे...

हर ख़ुशी से ख़ूबसूरत( Admin द्वारा दिनाँक 23-08-2015 को प्रस्तुत )हर ख़ुशी से ख़ूबसूरत तेरी शाम कर दूँ ,अपना प्यार और दोस्ती तेरे नाम कर दूँ ,मिल जाये अगर दुबारा यह ज़िन्दगी दोस्त,हर बार मैं...

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