कुछ लोग यहाँ पर -बेवफा शायरी

  • By Admin

  • October 31, 2021

इकरार बदलते रहते है - इंकार बदलते रहते हैं,कुछ लोग यहाँ पर ऐसे है जो यार बदलते रहते हैं।

बेवफा शायरी

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ऐ बेवफा तेरी बेवफ़ाई में दिल बेकरार ना करूँ,अगर तू कह दे तो तेरा इंतेज़ार ही ना करूँ,तू बेवफा है तो कुछ इस कदर बेवफ़ाई कर,कि तेरे बाद मैं किसी से प्यार ही ना करूँ।...

टूटा दिल तो गम कैसा( एडमिन द्वारा दिनाँक 14-06-2015 को प्रस्तुत )टूटा दिल तो गम कैसा,वो चल दिये तो सितम कैसा,मन भरा यार बदले,बेवफा हुए साफ,तो फिर इश्क का भ्रम कैसा । - बेवफा शायरी

हर रात उसको इस तरह से भुलाता हूँ,दर्द को सीने में दबा के सो जाता हूँ। बेवफा शायरी

बेवफ़ा पहले से था( एडमिन द्वारा दिनाँक 08-12-2016 को प्रस्तुत )उसके तर्क-ए-मोहब्बत का सबब होगा कोई,जी नहीं मानता कि वो बेवफ़ा पहले से था। - बेवफा शायरी

हसीं चेहरों के लिए आईने कुर्बान किये हैं,इस शौक में अपने बड़े नुकसान किये हैं,​महफ़िल में मुझे गालियाँ देकर है बहुत खुश​,जिस शख्स पर मैंने बड़े एहसान किये है। बेवफा शायरी

मेरे नाम से बदनाम( एडमिन द्वारा दिनाँक 04-12-2016 को प्रस्तुत )मुझे तू अपना बना या न बना तेरी खुशी,तू ज़माने में मेरे नाम से बदनाम तो है। - बेवफा शायरी

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