खोया इतना कुछ – सैड शायरी

खोया इतना कुछ कि फिर पाना न आया,
प्यार कर तो लिया पर जताना न आया,
आ गए तुम इस दिल में पहली ही नज़र में,
बस हमें आपके दिल में समाना ना आया।

- सैड शायरी

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कौन किसे दिल में जगह देता है,पेड़ भी अपने सूखे पत्ते गिरा देता है,वाक़िफ़ हैं हम दुनिया के रिवाजों से,जी भर जाए तो हर कोई भुला देता हैं। - सैड शायरी

तेरे सिवा कोई मेरे जज़्बात में नहीं,आँखों में वो नमी है जो बरसात में नहीं,पाने की कोशिश तुझे बहुत की मगर,तू एक लकीर है जो मेरे हाथ में नहीं। - सैड शायरी

इंसान बदल जाते हैं( दिव्या शर्मा द्वारा दिनाँक 15-05-2018 को प्रस्तुत )वक़्त की आग में पत्थर भी पिघल जाते हैं,हसीं लम्हे टूटकर अश्कों में बह जाते हैं,कोई साथ नहीं देगा इस ज़िंदगी में हमारा,क्यूंकि वक़्त...

मौहब्बत की मिसाल( एडमिन द्वारा दिनाँक 14-10-2015 को प्रस्तुत )मौहब्बत की मिसाल में, बस इतना ही कहूँगा ।बेमिसाल सज़ा है, किसी बेगुनाह के लिए । - सैड शायरी

प्यार को सजदा( एडमिन द्वारा दिनाँक 27-02-2019 को प्रस्तुत )आखिरी बार तेरे प्यार को सजदा कर लूं,लौट के फिर तेरी महफ़िल में नहीं आऊंगा,अपनी बर्बाद मोहब्बत का जनाज़ा ले कर,तेरी दुनिया से बहुत दूर चला...

वही रंजिशें वही हसरतें,न ही दर्द-ए-दिल में कमी हुई,है अजीब सी मेरी ज़िन्दगी,न गुज़र सकी न खत्म हुई - । सैड शायरी

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