ख्वाब टूट के बिखरा -इंतज़ार शायरी

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  • October 31, 2021

कोई मिलता ही नहीं हमसे हमारा बनकर,वो मिले भी तो एक किनारा बनकर,हर ख्वाब टूट के बिखरा काँच की तरह,बस एक इंतज़ार है साथ सहारा बनकर।

इंतज़ार शायरी

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किश्तों में खुदकुशी कर रही है ये जिन्दगी - इंतज़ार तेरा - मुझे पूरा मरने भी नहीं देता । इंतज़ार शायरी

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कभी ख़ुशी से ख़ुशी की तरफ नहीं देखा,तुम्हारे बाद किसी की तरफ नहीं देखा, इंतज़ार शायरी

आपकी जुदाई भी हमें प्यार करती है,आपकी यादें भी हमे बेकरार करती है,आते जाते यूँ ही हो जाए मुलाकात आपसे,तलाश आपको ये नजर बार बार करती है। इंतज़ार शायरी

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