गम की आतिशबाजी -ग़म शायरी

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  • October 31, 2021

फिर तेरा चर्चा हुआ, आँखें हमारी नम हुई,धड़कनें फिर बढ़ गई, साँस फिर बेदम हुई,चाँदनी की रात थी, तारों का पहरा भी था,इसीलिये शायद गम की आतिशबाजी कम हुई।

ग़म शायरी

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