गरीब को मरने की जल्दी -गरीबी पर शायरी

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  • October 31, 2021

यहाँ गरीब को मरने की इसलिए भी जल्दी है साहब,कहीं जिन्दगी की कशमकश में कफ़न महँगा ना हो जाए।

गरीबी पर शायरी

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गरीबों की औकात ना पूछो तो अच्छा है,इनकी कोई जात ना पूछो तो अच्छा है,चेहरे कई बेनकाब हो जायेंगे,ऐसी कोई बात ना पूछो तो अच्छा है। - गरीबी पर शायरी

ऐ सियासत - तूने भी इस दौर में कमाल कर दिया,गरीबों को गरीब अमीरों को माला-माल कर दिया। गरीबी पर शायरी

जनाजा बहुत भारी था उस गरीब का,शायद सारे अरमान साथ लिए जा रहा था। गरीबी पर शायरी

तहजीब की मिसाल( एडमिन द्वारा दिनाँक 01-09-2018 को प्रस्तुत )तहजीब की मिसाल गरीबों के घर पे है,दुपट्टा फटा हुआ है मगर उनके सर पे है। - गरीबी पर शायरी

हजारों दोस्त बन जाते है, जब पैसा पास होता है,टूट जाता है गरीबी में, जो रिश्ता ख़ास होता है। - गरीबी पर शायरी

रुखी रोटी बाँट कर( एडमिन द्वारा दिनाँक 07-05-2017 को प्रस्तुत )रुखी रोटी को भी बाँट कर खाते हुये देखा मैंने,सड़क किनारे वो भिखारी शहंशाह निकला। - गरीबी पर शायरी

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