गुज़रे वक़्त की यादें -याद शायरी

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  • October 31, 2021

सजा बन जाती है गुज़रे हुएवक़्त की यादें,न जाने क्यों छोड़ जाने के लिएज़िन्दगी में आते है लोग ।

याद शायरी

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भीगते हैं जिस तरह से तेरी यादों में डूब कर - इस बारिश में कहाँ वो कशिश तेरे खयालों जैसी। याद शायरी

याद आती है तो याद में खो लेते हैं,आँसू आँखों में उतर आयें तो रो लेते हैं,नींद तो नहीं आती आँखों में लेकिन,आप सपनों में आयेंगे इस लिए सो लेते हैं।मिसिंग यू... - याद शायरी

तेरी याद के बिना( अवधेश कुमार राज द्वारा दिनाँक 13-12-2017 को प्रस्तुत )ज़िंदगी कुछ अधूरी सी लगे तेरे प्यार के बिना,मुनासिब नहीं है जीना अब तेरे साथ के बिना,छोड़कर तेरी चाहत पराई लगे ये दुनिया...

मैंने तो तुझे भुला दिया फिरक्यों तेरी यादों ने मुझे रुला दिया। याद शायरी

दोस्तों ये यादें भी बहुत ही जालिम चीज़ होती है,कभी ये हंसाती हैं ख़ुशियों के पलों के साथ।कभी ये रुलाती हैं गम की बातो के साथ। याद शायरी

दिल को दिल समझो तो इश्क़ करोवादे को वादा समझो तो पूरा करो,और हमको अपना समझो तो प्यार करो.I miss you - याद शायरी

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