चाँद रोया याद में -याद शायरी

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  • October 31, 2021

आज भीगी है पलकें किसी की याद में,आकाश भी सिमट गया है अपने आप में,ओस कि बूदें ऐसी गिरी है जमीन पर,मानो चाँद भी रोया हो उसकी याद में।

याद शायरी

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दोस्तों ये यादें भी( अनिल कुमार साहू द्वारा दिनाँक 18-04-2016 को प्रस्तुत )दोस्तों ये यादें भी बहुत ही जालिम चीज़ होती है,कभी ये हंसाती हैं ख़ुशियों के पलों के साथ।कभी ये रुलाती हैं गम की...

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