जख्म की फ़िक्र -दर्द शायरी

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  • October 31, 2021

टूटे हुए सपने को सजाना आता है,रूठे हुए दिल को मनाना आता है,उसे कह दो हमारे जख्म की फ़िक्र न करे,हमें दर्द में भी मुस्कुराना आता है।

दर्द शायरी

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दर्द कम हुआ( युवराज द्वारा दिनाँक 01-04-2017 को प्रस्तुत )धीरे धीरे से अब तेरे प्यार का दर्द कम हुआ,ना तेरे आने के खुशी ना तेरे जाने का गम हुआ,जब लोग मुझसे पूछते हैं हमारे प्यार...

दिल के पहलू में एक दर्द सा पाने लगे,जब अपने ही बेगाने से नजर आने लगे। दर्द शायरी

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