जब किसी का दर्द -दर्द शायरी

  • By Admin

  • October 31, 2021

जब किसी का दर्द हद से गुजर जाता हैतो समंदर का पानी आँखों में उतर आता है,कोई बना लेता है रेत से आशियाना तो,किसी का लहरों में सबकुछ बिखर जाता है।

दर्द शायरी

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दर्द के लम्हे कब हम पर आसान बने,जो दर्द आँसू न बन सके वो तूफ़ान बने। - दर्द शायरी

यूँ तो हमेशा के लिए यहाँ आता नहीं कोई,पर आप जिस तरह से गए वैसे जाता नहीं कोई। दर्द शायरी

इसी ख्याल से गुज़री है शाम-ए-ग़म अक्सर,कि दर्द हद से जो गुज़रेगा तो मुस्कुरा दूंगा - ! दर्द शायरी

उसने दर्द इतना दिया कि सहा न गया,उसकी आदत सी थी इसलिए रहा न गया,आज भी रोती हूँ उसे दूर देख के,लेकिन दर्द देने वाले से ये कहा न गया।~ आराधना मिश्रा दर्द शायरी

दूर जाकर भी हम दूर जा न सकेंगे,कितना रोयेंगे हम बता न सकेंगे,ग़म इसका नहीं की आप मिल न सकोगे,दर्द इस बात का होगा कि हम आपको भुला न सकेंगे। दर्द शायरी

दिल का दर्द छुपाना कितना मुश्किल है,ग़म में मुस्कुराना कितना मुश्किल है,दूर तक जब चलो किसी के साथ,फिर तन्हा लौट के आना कितना मुश्किल है। दर्द शायरी

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