जब हम न हों -दोस्ती शायरी

  • By Admin

  • October 31, 2021

बातें ऐसी करो कि जज्बात कम न हों,ख़यालात ऐसे रखो कि कभी ग़म न हो, दिल में अपनी इतनी जगह देना हमें दोस्त,कि खाली खाली सा लगे जब हम न हों।

दोस्ती शायरी

Related Post

मुस्कराहट का कोई मोल नहीं होता,कुछ रिश्तों का कोई तोल नहीं होता,लोग तो मिल जाते है हर मोड़ पर लेकिन,हर कोई आपकी तरह अनमोल नहीं होता। - दोस्ती शायरी

खुशी आपके लिए गम हमारे लिए,जिंदगी आपके लिए मौत हमारे लिए,हँसी आपके लिए रोना हमारे लिए,सबकुछ आपके लिए आप हमारे लिए। दोस्ती शायरी

दोस्त ही दोस्त को पहचान दिया करते हैं,दोस्त ही दोस्त को मुस्कान दिया करते हैं,जब जरूरत पड़ती है दोस्ती की खातिर,तो दोस्त ही दोस्त को जान दिया करते हैं। - दोस्ती शायरी

सबसे अलग सबसे न्यारे( एडमिन द्वारा दिनाँक 14-05-2015 को प्रस्तुत )सबसे अलग सबसे न्यारे हो आप,तारीफ कभी पुरी ना हो इतने प्यारे हो आप।आज पता चला जमाना क्यों जलता है हमसे,क्यों कि दोस्त तो आखिर...

नफरत करो उनसे जो भुलाना जानते हों,रूठो उनसे जो मनाना जानते हों,प्यार करो उनसे जो निभाना जानते हों,दोस्ती उनसे जो दिल लुटाना जानते हों। - दोस्ती शायरी

वक्त की राहों में तुम भुला दो चाहे हमें,पर हम तुमको न भूल पाएंगे,तेरी दोस्ती की कसम ऐ दोस्त तू आवाज दे ख्वाबों मेंहम हकीकत में चले आएंगे। दोस्ती शायरी

leaf-right
leaf-right