जाने क्यों बेवफा -बेवफा शायरी

  • By Admin

  • October 31, 2021

हर रात उसको इस तरह से भुलाता हूँ,दर्द को सीने में दबा के सो जाता हूँ।

बेवफा शायरी

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इश्क़ ने जब माँगा खुदा से दर्द का हिसाब,वो बोले हुस्न वाले ऐसे ही बेवफाई किया करते हैं। - बेवफा शायरी

बेवफा ना कह सका( एडमिन द्वारा दिनाँक 10-10-2015 को प्रस्तुत )कैसी अजीब तुझसे यह जुदाई थी,कि तुझे अलविदा भी ना कह सका,तेरी सादगी में इतना फरेब था,कि तुझे बेवफा भी ना कह सका। - बेवफा...

बेवफायी का मौसम भीअब यहाँ आने लगा है,वो फिर से किसी और कोदेख कर मुस्कुराने लगा है । - बेवफा शायरी

मुझे उसके आँचल का आशियाना न मिला,उसकी ज़ुल्फ़ों की छाँव का ठिकाना न मिला,कह दिया उसने मुझको ही बेवफा...मुझे छोड़ने के लिए कोई बहाना न मिला। - बेवफा शायरी

मेरी तलाश का है जुर्मया मेरी वफा का क़सूर,जो दिल के करीब आयावही बेवफा निकला। बेवफा शायरी

अपने तजुर्बे की आज़माइश की ज़िद थी,वर्ना हमको था मालूम कि तुम बेवफा हो जाओगे। - बेवफा शायरी

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