जिन्हें हम भूलना चाहें -याद शायरी

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  • October 31, 2021

जिन्हें हम भूलना चाहें वो अक्सर याद आते हैं,बुरा हो इस मोहब्बत का वो यूँ क्यूँ याद आते हैं.भुलाये किस तरह उनको कभी पी थी उन आँखों से,छलक जाते हैं जब आँसू वो सागर याद आते हैं ।

याद शायरी

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एक अजीब सी जंग छिड़ी है तेरी यादों को लेकर,आँखे कहती हैं सोने दे - दिल कहता है रोने दे। याद शायरी

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रोज सुबह उठता हूँ पत्थर सी आँखें लेकर,ये तेरी यादों की हवा मेरे अश्क़ सुखा देती है। याद शायरी

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