जुदाई के ज़ख्म – जुदाई शायरी

दिल को मेरे ये एहसास भी नहीं है,
कि अब मेरा मेरा यार मेरे पास नहीं है,
उसकी जुदाई ने वो ज़ख्म दिया हमें,
जिंदा भी न रहे और लाश भी नहीं है।

- जुदाई शायरी

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उस शख्स को बिछड़ने( एडमिन द्वारा दिनाँक 30-06-2015 को प्रस्तुत )उस शख्स को बिछड़ने का सलीका नहीं आता,जाते जाते खुद को मेरे पास छोड़ गया...। - जुदाई शायरी

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