जो की थी मोहब्बत -हिंदी उर्दू ग़ज़ल

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  • October 31, 2021

हमने जो की थी मोहब्बत वो आज भी है,तेरे जुल्फों के साये की चाहत आज भी है।

हिंदी उर्दू ग़ज़ल

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बहुत दिन बाद( जॉनी इल्लीन द्वारा दिनाँक 14-08-2018 को प्रस्तुत )बहुत दिन बाद शायद हम मुस्कुराये होंगे,वो भी अपने हुस्न पर खूब इतराये होंगे।संभलते-संभलते अब तक ना संभले हम,सोचो किस तरह उनसे हम टकराये होंगे।महक...

मेरी रातों की राहत, दिन के इत्मिनान ले जाना,तुम्हारे काम आ जायेगा, यह सामान ले जाना। हिंदी उर्दू ग़ज़ल

अगर ये ज़िद है कि मुझसे दुआ सलाम न हो,तो ऐसी राह से गुज़रो जो राह-ए-आम न हो। - हिंदी उर्दू ग़ज़ल

खुद को इतना भी मत बचाया कर,बारिशें हो तो भीग जाया कर,चाँद लाकर कोई नहीं देगा,अपने चेहरे से जगमगाया कर,दर्द आँखों से मत बहाया कर,काम ले कुछ हसीन होंठो से,बातों-बातों में मुस्कुराया कर,धूप मायूस लौट...

हकीक़त भी यहीं है( प्रभाकर प्रभू द्वारा दिनाँक 14-12-2018 को प्रस्तुत )हकीक़त भी यहीं है और है फ़साना भी,मुश्किल है किसी का साथ निभाना भी।यूँ ही नहीं कुछ रिश्ते पाक होते हैं,पल में रूठ जाना...

फरिश्ते भी अब कहाँ जख्मों का इलाज करते हैं,बस तसल्ली देते है कि अब करते है, आज करते है। - हिंदी उर्दू ग़ज़ल

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