तजुर्बा कहता है -दिल शायरी

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  • October 31, 2021

तजुर्बा कहता हैमोहब्बत से किनारा कर लूँ - और दिल कहता हैये तज़ुर्बा दोबारा कर लूँ।

दिल शायरी

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वो दिल लेकर हमें बेदिल ना समझें उनसे कह देना,जो हैं मारे हुए नज़रों के उनकी हर नज़र दिल है। - दिल शायरी

ये दिल बुरा सही मगर सर-ए-बाजार तो न कह,आखिर तू इस मकान में कुछ दिन रहा तो है। - दिल शायरी

न ख़ुशी अच्छी है ऐ दिल न मलाल अच्छा है,यार जिस हाल में रखे वही हाल अच्छा है। - दिल शायरी

तजुर्बा कहता हैमोहब्बत से किनारा कर लूँ...और दिल कहता हैये तज़ुर्बा दोबारा कर लूँ। - दिल शायरी

ये गुस्ताख़ दिल( मनीष त्रिपाठी द्वारा दिनाँक 04-05-2017 को प्रस्तुत )ये गुस्ताख़ दिल न जाने क्या कर बैठा,मुझसे बिना पूछे ही फैसला कर बैठा,इस धरती पर टूटा सितारा भी नहीं गिरता,और ये पागल, चाँद से...

दिल में राज छिपा है दिखाऊं कैसे,हो गया है प्यार आपसे बताऊँ कैसे,दुनिया कहती है मत लिखो नाम दिल पर,जो नाम दिल में है उसे मिटाऊं कैसे। दिल शायरी

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