तुम्हारी ज़ुल्फ़ों के साये – रोमांटिक शायरी

तुम्हारी ज़ुल्फ़ों के साये में शाम कर लूंगा,
सफर इस उम्र का पल में तमाम कर लूंगा।

- रोमांटिक शायरी

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तुम अपनी निगहबानी( एडमिन द्वारा दिनाँक 15-09-2016 को प्रस्तुत )मैं देखूँ तो सही यह दुनिया तुझे कैसे सताती है,कोई दिन के लिए तुम अपनी निगहबानी मुझे दे दो।~ साहिर लुधियानवी - रोमांटिक शायरी

अजब मौसम है, मेरे हर कदम पे फूल रखता है,मोहब्बत में मोहब्बत का फरिश्ता साथ चलता है,मैं जब सो जाऊँ, इन आँखों पे अपने होंठ रख देना,यकीं आ जायेगा, पलकों तले भी दिल धड़कता है।...

जज़्बात बहक जाते हैं जब तुमसे मिलते हैं,अरमान मचल जाते हैं जब तुमसे मिलते हैं,मिल जाते हैं आँखों से आँखें, हाथों से हाथ,दिल से दिल, रूह से रूह जब तुमसे मिलते हैं। - रोमांटिक शायरी

जो तेरे गुलाबी लब मेरे लबों को छू जायें,मेरी रूह का मिलन तेरी रूह से हो जाये,ज़माने की साज़िशों से बेपरवाह हो जायें,मेरे ख्वाब कुछ देर तेरी बाहों में सो जायें,मिटा कर फ़ासले हम प्यार...

जब यार मेरा हो पास मेरे,मैं क्यूँ न हद से गुजर जाऊँ,जिस्म बना लूँ उसे मैं अपना,या रूह मैं उसकी बन जाऊँ। रोमांटिक शायरी

मजा आता अगर गुजरी हुई बातों का अफसाना,कहीं से तुम बयाँ करते, कहीं से हम बयाँ करते। - रोमांटिक शायरी

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