तेरे इंतजार में -इंतज़ार शायरी

  • By Admin

  • October 31, 2021

तेरे इंतजार में कब से उदास बैठे हैं,तेरे दीदार में आँखे बिछाये बैठे हैं,तू एक नज़र हम को देख ले बस,इस आस में कब से बेकरार बैठे हैं।

इंतज़ार शायरी

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अब तो आ जाइये( विशाल बाबू द्वारा दिनाँक 06-10-2017 को प्रस्तुत )शाम है बुझी बुझी वक्त है खफा खफा,कुछ हंसीं यादें हैं कुछ भरी सी आँखें हैं,कह रही है मेरी ये तरसती नजर,अब तो आ...

शाम है बुझी बुझी वक्त है खफा खफा,कुछ हंसीं यादें हैं कुछ भरी सी आँखें हैं,कह रही है मेरी ये तरसती नजर,अब तो आ जाइये अब न तड़पाइये। - इंतज़ार शायरी

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