तेरे जल्वों ने मुझे -तन्हाई शायरी

  • By Admin

  • October 31, 2021

तेरे जल्वों ने मुझे घेर लिया है ऐ दोस्त,अब तो तन्हाई के लम्हे भी हसीं लगते हैं।

तन्हाई शायरी

Related Post

तनहा बैठे हैं( मनीष जयसवाल द्वारा दिनाँक 23-04-2018 को प्रस्तुत )यादों में आपके तनहा बैठे हैं,आपके बिना लबों की हँसी गँवा बैठे हैं,आपकी दुनिया में अँधेरा ना हो,इसलिए खुद का दिल जला बैठे हैं। -...

कितना अधूरा सा लगता है जब बादल हो बारिश न हो,आँखें हो कोई ख्वाब न हो और अपना हो पर पास न हो। तन्हाई शायरी

आज तनहा हूँ( एडमिन द्वारा दिनाँक 09-10-2017 को प्रस्तुत )​​​​दोस्त बन कर भी नहीं साथ निभाने वाला,वही अंदाज़ है ज़ालिम का ज़माने वाला,तेरे होते हुए आ जाती थी दुनिया सारी,आज तनहा हूँ तो कोई नहीं...

मेरी ज़िंदगी तो गुजरी तेरे हिज्र के सहारे,मेरी मौत को भी कोई बहाना चाहिए। - तन्हाई शायरी

तन्हाइयों का सिलसिला( एडमिन द्वारा दिनाँक 30-06-2017 को प्रस्तुत )तू नहीं तो ज़िंदगी में और क्या रह जायेगा,दूर तक तन्हाइयों का सिलसिला रह जायेगा,आँखें ताजा मंजरों में खो तो जायेंगी मगर,दिल पुराने मौसमों को ढूंढ़ता...

जब भी तन्हा होते हैं( बिपिन गुप्ता द्वारा दिनाँक 16-05-2018 को प्रस्तुत )इस तरह हम सुकून को महफूज़ कर लेते हैं,जब भी तन्हा होते हैं तुम्हें महसूस कर लेते हैं। - तन्हाई शायरी

leaf-right
leaf-right