तेरे नाम से मुहब्बत -याद शायरी

  • By Admin

  • October 31, 2021

तेरे नाम से मुहब्बत की है, तेरे एहसास से मुहब्बत की है,तू मेरे पास नही फिर भी, तेरे याद से मुहब्बत की है ।

याद शायरी

Related Post

भुलाओगे कैसे( विकास कुमार द्वारा दिनाँक 20-10-2018 को प्रस्तुत )हमसे दूर जाओगे कैसे,दिल से हमें भुलाओगे कैसे,हम वो खुशबू हैं जो साँसों में बसते हैं,भला साँसों को रोक पाओगे कैसे। - याद शायरी

कोई पुरानी कहानी याद आ रही है,किसी की याद आज फिर सता रही है,अब ऐसी सूरत में ना जाने वो कैसे आएगी,नहीं… शायद आज फिर नींद नहीं आएगी । याद शायरी

रोज सुबह उठता हूँ पत्थर सी आँखें लेकर,ये तेरी यादों की हवा मेरे अश्क़ सुखा देती है। याद शायरी

तुम्हारी याद आते ही( एडमिन द्वारा दिनाँक 27-06-2019 को प्रस्तुत )बिखर जाती है खुशबू सी तुम्हारी याद आते ही,न जाने कौन सा सावन है जो बिन मौसम बरसता है। - याद शायरी

हर पल उनकी याद( रणजीत कुमार द्वारा दिनाँक 18-10-2017 को प्रस्तुत )नजरें उन्हें देखना चाहे तो आँखों का क्या कसूर,हर पल याद उनकी आये तो साँसों का क्या कसूर,वैसे तो सपने पूछकर नहीं आते,पर सपने...

हद ए शहर से निकली तो( एडमिन द्वारा दिनाँक 25-06-2015 को प्रस्तुत )हद-ए-शहर से निकली तो गाँव गाँव चली,कुछ यादें मेरे संग पाँव पाँव चली ।सफ़र जो धूप का किया तो तजुर्बा हुआ,वो जिंदगी ही...

leaf-right
leaf-right