तो रो दिए -ग़म शायरी

  • By Admin

  • October 31, 2021

उड़ता हुआ गुबार सर-ए-राह देख कर,अंजाम हमने इश्क़ का सोचा तो रो दिए,बादल फिजा में आप की तस्वीर बन गए,साया कोई ख्याल से गुजरा तो रो दिए।

ग़म शायरी

Related Post

लोग पढ़ लेते है आँखों से मेरे दिल की बात...अब मुझसे तेरे गम की हिफाजत नहीं होती । - ग़म शायरी

ग़म भी उनका अज़ीज( एडमिन द्वारा दिनाँक 21-09-2018 को प्रस्तुत )मुझे ग़म भी उनका अज़ीज हैकि उन्हीं की दी हुई चीज़ है,यही ग़म है अब मेरी जिंदगीइसे कैसे दिल से जुदा करूँ। - ग़म शायरी

मैंने अपना ग़म आसमान को सुना दिया...शहर के लोगों ने बारिश का मजा लिया। - ग़म शायरी

आँसू होते नहीं बहाने के लिए,ग़म होते हैं पी जाने के लिए,मत सोचना किसी को पाने के लिए,वरना जिंदगी कम पड़ जाएगी,उसको भुलाने के लिए। - ग़म शायरी

हमसे पूछो किसीको खोने का ग़म क्या होता है,हँसते हँसते रोने का दर्द क्या होता है,खुदा उसी से क्यों मिला देता है हमें,जिसका साथ किस्मत में नहीं होता है। - ग़म शायरी

पत्थर बना दिया( एडमिन द्वारा दिनाँक 01-02-2019 को प्रस्तुत )पत्थर बना दिया मुझे रोने नहीं दिया,दामन भी तेरे ग़म ने भिगोने नहीं दिया,तन्हाईयाँ तुम्हारा पता पूछती रहीं,शब् भर तुम्हारी याद ने सोने नहीं दिया,आँखों में...

leaf-right
leaf-right