दर्द की ज़िद -दर्द शायरी

  • By Admin

  • October 31, 2021

जब्त कहता है खामोशी से बसर हो जाये,दर्द की ज़िद है कि दुनिया को खबर हो जाये।

दर्द शायरी

Related Post

दर्द इतना था मेरे दिल में मैं बता न सकी,आँखों में आँसू थे फिर भी गिरा न सकी,चला गया वो शख्स हमेशा के लिए,पर मैं अपने दिल की बात बता न सकी। दर्द शायरी

क्या बताऊँ अपना हाल ए दिल मैं तुम्हें,देखूं जिधर बस एक ही नूर नज़र आये,अब बता भी दो दवा ए दर्द क्या है इसकी,या फिर किसी जाल में फसाया है तुमने हमें। - दर्द शायरी

जब किसी का दर्द( राहुल अवस्थी द्वारा दिनाँक 17-09-2017 को प्रस्तुत )जब किसी का दर्द हद से गुजर जाता हैतो समंदर का पानी आँखों में उतर आता है,कोई बना लेता है रेत से आशियाना तो,किसी...

दर्द ही दर्द है दिल में बयान कैसे करें,ज़िंदगी ग़मों की गुलाम रिहा कैसे करें,यूँ तो हमें हमारे दिल ने धोखे दिए बहुत,पर अपने दिल से हम दगा कैसे करें।(प्रताप सिंह) दर्द शायरी

दिल में पनाह मिलेगी( लवलेश द्वारा दिनाँक 13-10-2016 को प्रस्तुत )एक हसरत थी कि उनके दिल में पनाह मिलेगी,क्या पता था उनसे मोहब्बत की सज़ा मिलेगी,न अपनों ने समझा न गैरों ने जाना,क्या पता था...

दर्द मिलता है( दिनेश कुमार द्वारा दिनाँक 20-04-2018 को प्रस्तुत )जाने क्या लिखा है मेरी हाथों की लकीरों में,मैं जहाँ भी जाता हूँ वहीं पर दर्द मिलता है। - दर्द शायरी

leaf-right
leaf-right