दर्द बता न सकी – दर्द शायरी – दर्द शायरी

  • By Admin

  • February 27, 2022

दर्द बता न सकी

दर्द इतना था मेरे दिल में मैं बता न सकी,
आँखों में आँसू थे फिर भी गिरा न सकी,
चला गया वो शख्स हमेशा के लिए,
पर मैं अपने दिल की बात बता न सकी।

- दर्द शायरी

Related Post

दुनिया बहुत मतलबी( साज़िद द्वारा दिनाँक 17-10-2016 को प्रस्तुत )दुनिया बहुत मतलबी है,साथ कोई क्यों देगा,मुफ्त का यहाँ कफ़न नहीं मिलता,तो बिना गम के प्यार कौन देगा। - दर्द शायरी

​ज़िस्म से मेरे तड़पता( एडमिन द्वारा दिनाँक 09-10-2016 को प्रस्तुत )​ज़िस्म से मेरे तड़पता दिल कोई तो खींच लो​,मैं बगैर इसके भी जी लूँगा मुझे अब ​ये यकीन ​है। - दर्द शायरी

दर्द दिल में उठा है( ताज़िम अशरफी द्वारा दिनाँक 11-06-2018 को प्रस्तुत )इलाज इश्क का क्या है हमें बताये कोई,जो दर्द दिल में उठा है उसे मिटाए कोई,तलाश उसकी मुझे हर जगह रहती है,मिलेगा मुझको...

करूँ जो आह तो( मुकुल चौहान द्वारा दिनाँक 13-11-2017 को प्रस्तुत )वो खून बनके मेरी रगों में मचलता है,करूँ जो आह तो लब से धुँआ निकलता है,मोहब्बत का रिश्ता भी अजीब है यारों,ये ऐसा घर...

दर्द की दास्तान अभी बाकी है,मोहब्बत का इम्तेहान अभी बाकी है,दिल करे तो ज़ख्म देने आ जाना,दिल ही टूटा है जान अभी बाकी है। - दर्द शायरी

​ज़िस्म से मेरे तड़पता दिल कोई तो खींच लो​,मैं बगैर इसके भी जी लूँगा मुझे अब ​ये यकीन ​है। दर्द शायरी

leaf-right
leaf-right