दिल की चुभन -दर्द शायरी

  • By Admin

  • October 31, 2021

बदले तो नहीं हैं वो - दिल-ओ-जान के करीने,आँखों की जलन, दिल की चुभन अब भी वही है।

दर्द शायरी

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धुआँ दिल से उठा( एडमिन द्वारा दिनाँक 16-10-2016 को प्रस्तुत )बिजलियाँ टूट पड़ी... जब वो मुकाबिल से उठा,मिल के पलटी थीं निगाहें कि धुआँ दिल से उठा। - दर्द शायरी

उस शख्स का दर्द( एडमिन द्वारा दिनाँक 31-05-2018 को प्रस्तुत )उस शख्स का दर्द भी कोई सोचे,जिसे रोता हुआ ना देखा हो किसी ने। - दर्द शायरी

नफ़रत करना तो हमने कभी सिखा ही नहीं,मैंने तो दर्द को भी चाहा है अपना समझ कर। दर्द शायरी

कुछ दर्द( मयंक श्रीवास्तव द्वारा दिनाँक 25-04-2018 को प्रस्तुत )ख़ामोशियाँ कभी बेवजह नहीं होती,कुछ दर्द आवाज़ छीन लिया करते हैं। - दर्द शायरी

सितम और भी ढाया( अल्पेश पांचाल द्वारा दिनाँक 10-02-2017 को प्रस्तुत )दोस्त बन बन के मिले मुझको मिटाने वाले,मैंने देखे हैं कई कई रंग बदलने वाले,तुमने चुप रहकर सितम और भी ढाया मुझ पर,तुमसे अच्छे...

सजा कैसी मिली मुझको तुमसे दिल लगाने की,रोना ही पड़ा है जब कोशिश की मुस्कुराने की,कौन बनेगा यहाँ मेरी दर्द-भरी रातों का हमराज,दर्द ही मिला जो तुमने कोशिश की आजमाने की। दर्द शायरी

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