दिल में रहते – दिल शायरी

मेरी आँखों में मत ढूंढा करो खुद कोपता है ना.. दिल में रहते हो खुदा की तरह।

- दिल शायरी

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दिलों के ज़ख्म भी( एडमिन द्वारा दिनाँक 01-11-2017 को प्रस्तुत )स्याह रात में जलते हैं जुगनुओं की तरह,दिलों के ज़ख्म भी दोस्तों कमाल होते हैं। - दिल शायरी

अल्फाज तुम्हारे भी दोस्त बयान करते हैं,चोट दिल पे भी तुम्हारे बड़ी गहरी लगी है। दिल शायरी

न ख़ुशी अच्छी है ऐ दिल न मलाल अच्छा है,यार जिस हाल में रखे वही हाल अच्छा है। दिल शायरी

संगदिल मिल चुके( रूपक रॉय द्वारा दिनाँक 25-11-2017 को प्रस्तुत )कोई तो जलवा खुदा के वास्ते,दीदार के काबिल दिखाई दे,संगदिल तो मिल चुके हैं हजारों,कोई अहल-ए-दिल तो दिखाई दे। - दिल शायरी

स्याह रात में जलते हैं जुगनुओं की तरह,दिलों के ज़ख्म भी दोस्तों कमाल होते हैं। दिल शायरी

दिल टूटने से थोड़ी सी तकलीफ़ तो हुई,लेकिन तमाम उम्र को आराम हो गया। - दिल शायरी

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