दुआएं मेरी कुबूल हों – दुआ शायरी

तेरे इख्तियार में क्या नहीं,
मुझे इस तरह नवाज़ दे,
यूं दुआएं मेरी कुबूल हों,
कि मेरे लब पे कोई दुआ न हो।

- दुआ शायरी

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