दुनिया के रंग -ग़म शायरी

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  • October 31, 2021

क्या खूब दिखाया दुनिया ने अपना रंग,हम रंग भरते भरते खुद बे-रंग हो गए।-सुनीता

ग़म शायरी

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उड़ता हुआ गुबार सर-ए-राह देख कर,अंजाम हमने इश्क़ का सोचा तो रो दिए,बादल फिजा में आप की तस्वीर बन गए,साया कोई ख्याल से गुजरा तो रो दिए। ग़म शायरी

शायरों की बस्ती में( एडमिन द्वारा दिनाँक 14-10-2015 को प्रस्तुत )शायरों की बस्ती में कदम रखा तो जाना,गमों की महफिल भी कमाल जमती है। - ग़म शायरी

मुझे ग़म भी उनका अज़ीज हैकि उन्हीं की दी हुई चीज़ है,यही ग़म है अब मेरी जिंदगीइसे कैसे दिल से जुदा करूँ। ग़म शायरी

रोज करते हैं कत्ल... हम अपने ख्वाबों का,हकीकत में जीना इतना आसान नहीं होता। - ग़म शायरी

प्यार की राह में ग़म का अँधेरा आता क्यूँ है,जिसको हमने चाहा वही रुलाता क्यूँ है,वो मेरे नसीब में नहीं है तो खुदा,बार-बार हमें उसी से मिलाता क्यूँ है। - ग़म शायरी

लोग पढ़ लेते है आँखों से मेरे दिल की बात - अब मुझसे तेरे गम की हिफाजत नहीं होती । ग़म शायरी

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