दोस्ती की खातिर -दोस्ती शायरी

  • By Admin

  • October 31, 2021

अपनी ज़िंदगी के कुछ अलग ही उसूल हैं,दोस्ती की खातिर हमें काँटे भी क़बूल हैं,हँस कर चल देंगे काँच के टुकड़ों पर भी,अगर दोस्त कहे यह दोस्ती में बिछाये फूल हैं।

दोस्ती शायरी

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कहीं अँधेरा तो कहीं शाम होगी,मेरी हर ख़ुशी आपके नाम होगी,कुछ माँग कर तो देखो...दोस्त...होंठों पर हँसी और हथेली पर मेरी जान होगी। - दोस्ती शायरी

शुक्रिया ऐ दोस्त मेरी ज़िन्दगी में आने के लिए,हर लम्हे को इतना खूबसूरत बनाने के लिए,तू है तो हर ख़ुशी पर मेरा नाम लिख गया है,शुक्रिया मुझे इतना खुशनसीब बनाने के लिए। - दोस्ती शायरी

हर खुशी दिल के करीब नहीं होती,ग़मों से जिन्दगी दूर नहीं होती,ऐ मेरे दोस्त दोस्ती संजो के रखना,हर किसी को दोस्ती नसीब नहीं होती। - दोस्ती शायरी

मुझे तुमसे मिलाया( अलोक सिंह द्वारा दिनाँक 15-12-2016 को प्रस्तुत )न जाने किस मिट्टी से खुदा ने तुमको बनाया है,अनजाने में इक ख्वाब इन आँखों को दिखाया है,मेरी हसरत थी हमेशा से खुदा से मिलने...

कभी अलविदा न कहना( देव द्वारा दिनाँक 08-05-2017 को प्रस्तुत )खुशबू की तरह मेरी सांसों में रहना,लहू बनके मेरे आँसुओं में बहना,दोस्ती होती है रिश्तों का अनमोल गहना,इसीलिए दोस्त को कभी अलविदा न कहना। -...

आपका साथ है तो मुझे क्या कमी है,आपकी मुस्कान से मिलती मुझे ख़ुशी है,मुस्कुराते रहना दोस्त इसी तरह हमेशा,आपकी मुस्कराहट में मेरी जान बसी है। दोस्ती शायरी

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