दोस्ती बड़ी इबादत -दोस्ती शायरी

  • By Admin

  • October 31, 2021

रिश्तों से बड़ी चाहत और क्या होगी,दोस्ती से बड़ी इबादत और क्या होगी,जिसे दोस्त मिल सके कोई आप जैसा,उसे ज़िंदगी से कोई और शिकायत क्या होगी।

दोस्ती शायरी

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कहीं अँधेरा तो कहीं शाम होगी,मेरी हर ख़ुशी आपके नाम होगी,कुछ माँग कर तो देखो - दोस्त - होंठों पर हँसी और हथेली पर मेरी जान होगी। दोस्ती शायरी

दिल से दिल का गहरा रिश्ता है हमारा,दिल की हर धड़कन पर नाम है तुम्हारा,अगर हम आपके साथ नहीं तो क्या हुआ,जिंदगी भर साथ निभाने का वादा है हमारा। - दोस्ती शायरी

हम तो पतझड़ में भी बहार ले आएंगे,हम गहरी उदासी में भी प्यार ले आएंगे,दोस्तों आप एक बार दिल से आवाज़ तो दो,हम तो आपके लिए मौत से भी साँसे उधार ले आएंगे। - दोस्ती...

जिसे दोस्त बना लें( निकुल चौधरी द्वारा दिनाँक 25-12-2017 को प्रस्तुत )हम अपने आप पर गुरूर नहीं करते,किसी को प्यार करने पर मजबूर नहीं करते,जिसे एक बार दिल से दोस्त बना लें,उसे मरते दम तक...

हर ख़ुशी दिल के करीब नहीं होती,ज़िन्दगी ग़मों से दूर नहीं होती,ऐ दोस्त दोस्ती को संजो कर रखना,दोस्ती हर किसी को नसीब नहीं होती। दोस्ती शायरी

दोस्ती वो नहीं होती, जो जान देती हैदोस्ती वो नही होती जो मुस्कान देती हैदोस्ती तो वो होती हैजो दोस्ती को प्यार का नाम देती हैं. - दोस्ती शायरी

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