दोस्ती में किसी का – दोस्ती शायरी

दोस्ती में किसी का इम्तिहान न लेना,
निभा न सको वो किसी को वादा न देना,
जिसे तुम बिन जीने की आदत न हो,
उसे जिन्दगी जीने की दुआ न देना।

- दोस्ती शायरी

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किस हद तक जाना है ये कौन जानता है,किस मंजिल को पाना है ये कौन जानता है । - दोस्ती शायरी

दिल की किताब कुछ इस तरह बनाई है,हर पन्ने पर आपकी ही याद समाई है,फट न जाए एक भी पन्ना इसलिए हमने,हर पन्ने पर दोस्ती की लेमिनेसन चिपकाई है। - दोस्ती शायरी

प्यार का रिश्ता इतना गहरा नहीं होता,दोस्ती के रिश्ते से बड़ा कोई रिश्ता नहीं होता,कहा था इस दोस्ती को प्यार में न बदलो,क्यूंकि प्यार में धोखे के सिवा कुछ नहीं होता। दोस्ती शायरी

दोस्ती वो एहसास है जो मिटता नहीं,दोस्ती वो पर्वत है जो कभी झुकता नहीं,इसकी कीमत क्या है पूछो हमसे,ये वो अनमोल मोती है जो बिकता नहीं। दोस्ती शायरी

दोस्ती नज़ारों से हो तो उसे कुदरत कहते हैं,चाँद-सितारों से हो तो जन्नत कहते हैं,हसीनों से हो तो मोहब्बत कहते हैं,और आपसे हो तो उसे किस्मत कहते हैं। - दोस्ती शायरी

दोस्ती नज़ारों से हो तो उसे कुदरत कहते हैं,चाँद-सितारों से हो तो जन्नत कहते हैं,हसीनों से हो तो मोहब्बत कहते हैं,और आपसे हो तो उसे किस्मत कहते हैं। दोस्ती शायरी

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