दोस्तों के साथ जिंदगी -दोस्ती शायरी

  • By Admin

  • October 31, 2021

जिंदगी ज़ख्मों से भरी है,वक़्त को मरहम बनाना सीख लो,हारना तो है एक दिन मौत से,फिलहाल - दोस्तों के साथ जिंदगी जीना सीख लो।

दोस्ती शायरी

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उल्फत के फ़साने( एडमिन द्वारा दिनाँक 10-10-2015 को प्रस्तुत )होंठों पे उल्फत के फ़साने नहीं आते,जो बीत गए फिर वो ज़माने नहीं आते,दोस्त ही होते हैं दोस्तों के हमदर्द,कोई फ़रिश्ते यहाँ साथ निभाने नहीं आते।...

हर खुशी दिल के करीब नहीं होती,ग़मों से जिन्दगी दूर नहीं होती,ऐ मेरे दोस्त दोस्ती संजो के रखना,हर किसी को दोस्ती नसीब नहीं होती। दोस्ती शायरी

दोस्ती नज़ारों से हो तो उसे कुदरत कहते हैं,चाँद-सितारों से हो तो जन्नत कहते हैं,हसीनों से हो तो मोहब्बत कहते हैं,और आपसे हो तो उसे किस्मत कहते हैं। - दोस्ती शायरी

हम अपने आप पर गुरूर नहीं करते,किसी को प्यार करने पर मजबूर नहीं करते,जिसे एक बार दिल से दोस्त बना लें,उसे मरते दम तक दिल से दूर नहीं करते। दोस्ती शायरी

किस हद तक जाना है ये कौन जानता है,किस मंजिल को पाना है ये कौन जानता है । दोस्ती शायरी

ज़िंदगी के सागर का एक ही किनारा है,ये किनारा सब किनारों से प्यारा है,तू मुझसे कभी मत रूठना ऐ मेरे दोस्त,मुझे इस दुनिया में बस तेरा ही सहारा है। दोस्ती शायरी

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